महत्वपूर्ण जानकारी
स्तन कैंसर भारत में महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। भारत में लगभग 28-29 में से 1 महिला को जीवनकाल में स्तन कैंसर होने का अनुमान है (शहरों में यह जोखिम अधिक है)। लेकिन जल्दी पहचान होने पर इलाज के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
स्तन कैंसर (Breast Cancer) की early detection बहुत ज़रूरी है। जितनी जल्दी पहचान हो, उतना आसान इलाज। स्तन कैंसर के बारे में हर महिला को पता होना चाहिए कि कौन से लक्षण normal हैं और कौन से चिंताजनक।
स्तन कैंसर के कई शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इन्हें जानना और ध्यान देना बहुत ज़रूरी है:
सबसे आम लक्षण। गांठ अक्सर hard, अनियमित और दर्द रहित होती है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कोई भी नई गांठ — चाहे वह हिलती हो या उसमें दर्द हो — डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।
निप्पल से खूनी या colorless discharge जो spontaneous हो। यह गांठ के साथ हो तो चिंताजनक है।
निप्पल inward turn होना (inverted nipple), रंग बदलना, या flaky/discharging skin।
स्तन की त्वचा में dimpling (मिर्ची जैसी), redness, warmth, या orange peel texture दिखना।
अचानक एक स्तन दूसरे से बहुत अलग size का हो जाना।
स्तन में दर्द जो consistent हो और period से related न हो।
हर महिला को Monthly Self Breast Examination करना चाहिए। यह 5-7 minutes लगता है और घर पर ही किया जा सकता है।
कंधे सीधे रखकर, हाथों को कूल्हों पर रखकर mirror के सामने खड़े हों। दोनों स्तनों का size, shape, और color compare करें। कोई unusual change दिखे तो note करें।
दोनों हाथ ऊपर उठाएं और फिर से स्तनों को देखें। त्वचा में dimpling, swelling, या nipple में बदलाव check करें।
shower में या lying down position में। तीन उंगलियों की pads से स्तन की जाँच करें - small circular motions में, अक्षर Q आकार में। पूरे स्तन को cover करें।
स्तन कैंसर armpit की lymph nodes तक भी फैल सकता है। armpit area को भी feel करें गांठ के लिए।
कब करें: हर महीने periods के 5-7 दिन बाद (जब hormonal changes कम हों)। Menopause के बाद हर month की same तारीख को।
RAJ Hospital Ranchi में Mammography और Consultation
अगर आपको कोई लक्षण दिखे या screening में कुछ असामान्य दिखे, तो निम्न जाँचें की जाती हैं:
स्तन की X-ray जो छोटी गांठों को भी detect कर सकती है। 40+ उम्र की महिलाओं के लिए annual screening recommend है।
युवा महिलाओं में mammography के supplement के रूप में use होती है। गांठ solid है या cystic यह बताती है।
गांठ से tissue sample लेकर pathology lab में जाँचा जाता है। यह confirm करता है कि कैंसर है या नहीं।
high-risk women के लिए या dense breasts वालों के लिए recommended। detailed imaging देती है।
हफ्ते में 150 मिनट moderate exercise ( brisk walking, swimming, cycling)। यह weight control और hormones balance में मदद करता है।
फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, lean proteins खाएं। processed food और red meat कम करें।
शराब से बचें; थोड़ी मात्रा भी स्तन कैंसर का risk बढ़ा सकती है।
जितनी देर possible हो, breastfeeding करें। यह breast cancer risk कम करता है।
40 साल से ऊपर annual mammography कराएं। Family history हो तो earlier शुरू करें।
स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में छाती में गांठ, निप्पल से discharge, त्वचा में बदलाव, दर्द और असमान swelling शामिल हैं। जल्दी पहचान से इलाज आसान है।
स्तन कैंसर की गांठ अक्सर hard, अनियमित edges वाली और दर्द रहित होती है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कोई भी नई गांठ — चाहे वह हिलती हो या उसमें दर्द हो — डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।
हर महीने periods के 5-7 दिन बाद shower में या mirror के सामने खड़े होकर छाती की जाँच करें। गांठ, असमानता, या त्वचा में बदलाव देखें।
स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम है, लेकिन पुरुषों को भी हो सकता है। 40+ उम्र, family history, और BRCA genes risk बढ़ाते हैं।
Mammography स्तन की X-ray है जो कैंसर का पता लगाती है। 40 साल से ऊपर की महिलाओं को हर 1-2 साल में करानी चाहिए।
स्तन कैंसर से बचाव के लिए healthy weight maintain करें, exercise करें, alcohol कम करें, breastfeeding करें (अगर possible हो), और regular screening कराएं।
RAJ Hospital की oncology टीम से कैंसर की early detection और treatment के लिए परामर्श लिया जा सकता है। Screening और consultation के लिए संपर्क करें।