गर्भावस्था ज़िंदगी का सबसे भावुक और संवेदनशील चरण होती है। खुशी, उम्मीद और थोड़ी सी चिंता एक साथ चलती रहती है, इसलिए हर परिवार चाहता है कि माँ और बच्चे की देखभाल किसी ऐसे स्थान पर हो जो रांची का सचमुच का बेस्ट मैटरनिटी हॉस्पिटल लगे। सही अस्पताल चुनने का मतलब सिर्फ डिलीवरी की जगह तय करना नहीं होता, बल्कि पूरे नौ महीनों की सुरक्षा, विश्वास और सही मार्गदर्शन तय करना होता है।
रांची और आसपास के क्षेत्रों में मातृत्व सेवाएं तेज़ी से बेहतर हुई हैं, लेकिन हर अस्पताल में एक जैसी सुविधा, विशेषज्ञता और समय पर मिलने वाली देखभाल नहीं मिलती। कई बार हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, एनीमिया, ब्लड प्रेशर या शुगर जैसी दिक्कतों में देरी या अनुभव की कमी बड़ी समस्या बना देती है। ऐसे में ज़रूरत होती है ऐसे अस्पताल की, जहां 24 घंटे स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हों, आधुनिक लेबर रूम हो और इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत ऑपरेशन या आईसीयू सपोर्ट मिल सके।
राज हॉस्पिटल्स पिछले तीन दशकों से रांची, झारखंड का भरोसेमंद मल्टी स्पेशियलिटी और मातृत्व केंद्र रहा है। यहां सुरक्षित गर्भावस्था देखभाल, अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लिए अलग सेटअप, आधुनिक लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और न्यूबॉर्न केयर की पूरी व्यवस्था एक ही छत के नीचे मिलती है। अस्पताल का उद्देश्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि माँ और परिवार की हर चिंता को कम करके उन्हें भरोसा और अपनापन महसूस कराना है।
इस लेख में राज हॉस्पिटल्स को रांची का सर्वश्रेष्ठ मातृत्व अस्पताल मानने के कारणों, यहां मिलने वाली एंटीनैटल केयर, डिलीवरी और प्रसवोत्तर सेवाओं, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मैनेजमेंट, प्रजनन उपचार, स्त्री रोग सर्जरी, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और 24×7 इमरजेंसी सुविधाओं पर सरल भाषा में बात की जाएगी। लेख के अंत तक पढ़ने पर यह समझ आएगा कि सुरक्षित और सुखद प्रसव के लिए राज हॉस्पिटल्स क्यों एक समझदारी भरा विकल्प बन जाता है।
“गर्भवती महिला को सही समय पर सही जगह देखभाल मिल जाए, तो ज़्यादातर जटिलताएं संभाली जा सकती हैं।”
— अनुभवी प्रसूति विशेषज्ञों की साझा राय
राज हॉस्पिटल्स: रांची में सर्वश्रेष्ठ मातृत्व अस्पताल क्यों?
राज हॉस्पिटल्स लगभग 30 वर्षों से रांची और आसपास के मरीजों के लिए भरोसे का नाम रहा है। शुरू से ही अस्पताल का लक्ष्य रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की मातृत्व सुविधाएं आम परिवार तक पहुँचे और हर माँ को सुरक्षित प्रसव का अनुभव मिल सके। यही कारण है कि बहुत से लोग इसे रanchi, झारखंड का बेस्ट मैटरनिटी हॉस्पिटल मानते हैं।
अस्पताल की पहचान सिर्फ बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि साफ नीयत और मेडिकल एथिक्स पर आधारित काम करने से बनी है। लाभ, अहित न करना, मरीज की स्वायत्तता का सम्मान और न्याय जैसे नैतिक सिद्धांतों को यहां रोज़मर्रा की प्रैक्टिस में अपनाया जाता है। डॉक्टर इलाज की हर स्टेप साफ भाषा में समझाते हैं और मरीज या परिवार की सहमति के बिना कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाता।
राज हॉस्पिटल्स की सबसे बड़ी ताकत इसकी रोगी केंद्रित सोच है। पूरे मातृत्व कार्यक्रम में माँ की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक ज़रूरतों का ध्यान रखा जाता है।
- नियमित काउंसलिंग सत्र
- पोषण परामर्श
- समय पर ज़रूरी टेस्ट
- हर विज़िट पर स्पष्ट बातचीत
इन सबके ज़रिए गर्भवती महिला का आत्मविश्वास बढ़ाया जाता है।
मातृत्व विभाग में सामान्य प्रसव को हमेशा पहली प्राथमिकता दी जाती है। अनुभवी गाइनकोलॉजिस्ट, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक लेबर मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से ऐसी कई डिलीवरी सफलतापूर्वक सामान्य तरीके से कराई गई हैं जिनमें बाहर जल्दी सीज़ेरियन करने की सलाह दी गई थी। फिर भी जब माँ या बच्चे की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन ज़रूरी हो, तो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर में सुरक्षित सीज़ेरियन सेक्शन तुरंत किया जाता है।
राज हॉस्पिटल्स रांची में 24 घंटे चलने वाला मैटरनिटी हॉस्पिटल है। किसी भी समय लेबर पेन शुरू हो, ब्लीडिंग हो या हाई ब्लड प्रेशर जैसी इमरजेंसी बने, यहां इमरजेंसी टीम, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, पीडियाट्रिशियन और आईसीयू सपोर्ट हमेशा तैयार रहते हैं। अस्पताल की इमारत में आईसीयू, एनआईसीयू और यहां तक कि रूफटॉप हेलिपैड जैसी सुविधा भी है, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीज को तुरंत शिफ्ट किया जा सके।
कई परिवार राज हॉस्पिटल्स को इसलिए भी चुनते हैं क्योंकि यहां की कीमतें पारदर्शी और किफायती रखी जाती हैं:
- पैकेज, टेस्ट, ऑपरेशन और दवाओं की जानकारी पहले ही विस्तार से दी जाती है।
- अनुमानित खर्च और पैकेज स्पष्ट रूप से समझाए जाते हैं, ताकि आर्थिक या मानसिक उलझन न बने।
- नो कॉस्ट ईएमआई जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवार भी अच्छी मातृत्व देखभाल ले सकें।
उच्च सफलता दर, बार-बार लौट कर आने वाले मरीज, और सकारात्मक अनुभव साझा करने वाले परिवार इस बात का संकेत हैं कि राज हॉस्पिटल्स रांची में बेस्ट मैटरनिटी हॉस्पिटल की श्रेणी में मजबूती से खड़ा है।
“अच्छा अस्पताल वही है जहां इलाज के साथ-साथ बिल देखने के बाद भी परिवार को सुकून महसूस हो।”
— एक मरीज के परिजन का अनुभव
राज हॉस्पिटल्स में व्यापक मातृत्व सेवाएं

राज हॉस्पिटल्स का प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग गर्भावस्था के हर चरण में पूरी और सुनियोजित देखभाल देता है। पहले दिन की काउंसलिंग से लेकर डिलीवरी और प्रसवोत्तर फॉलो-अप तक, हर स्टेप के लिए अलग प्रोटोकॉल और टीम होती है। रांची में एंटीनैटल केयर, डिलीवरी और पोस्टनैटल केयर के लिए यह अस्पताल कई परिवारों की पहली पसंद बन चुका है।
नीचे दी गई सारणी से समझा जा सकता है कि मातृत्व के अलग-अलग चरणों में यहां कौन सी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध हैं।
| चरण | मुख्य सेवाएं | विशेष फोकस |
|---|---|---|
| गर्भावस्था पूर्व और दौरान | नियमित ANC चेकअप, अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट | हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड प्रेशर नियंत्रण |
| डिलीवरी | सामान्य प्रसव, सीज़ेरियन, दर्द नियंत्रित प्रसव | माँ और बच्चे की सुरक्षा, सतत मॉनिटरिंग |
| प्रसवोत्तर | PNC विज़िट, स्तनपान मार्गदर्शन, टीकाकरण | माँ की रिकवरी, नवजात देखभाल |
इस व्यापक सेटअप की वजह से राज हॉस्पिटल्स को रांची में भरोसेमंद प्रेग्नेंसी चेकअप हॉस्पिटल माना जाता है, जहां एक ही छत के नीचे ज़्यादातर ज़रूरतें पूरी हो जाती हैं।
प्रसव-पूर्व देखभाल (Antenatal Care – ANC)
गर्भावस्था की शुरुआत से ही नियमित ANC चेकअप कराना बहुत ज़रूरी होता है, और राज हॉस्पिटल्स इसे गर्भ की सुरक्षा की पहली सीढ़ी मानता है। यहां रांची में एंटीनैटल केयर की सुविधा साप्ताहिक और मासिक प्रोटोकॉल के साथ दी जाती है, जिसमें हर विज़िट पर:
- वजन
- ब्लड प्रेशर
- पेट की जांच
- दवाओं और आहार से जुड़ी सलाह
शामिल रहती है।
गर्भावस्था के अलग-अलग महीनों में कब अल्ट्रासाउंड, कब डॉपलर या कब विशेष ब्लड टेस्ट करने हैं, इसकी पहले से योजना बनाकर समझाया जाता है।
हीमोग्लोबिन स्तर की नियमित जांच यहां की ख़ास विशेषता है, क्योंकि झारखंड में एनीमिया बहुत आम समस्या है। डॉक्टर समय रहते एनीमिया पकड़ लेने पर आयरन, फोलेट और विटामिन B12 की दवाएं, डाइट चार्ट और ज़रूरत हो तो इंजेक्शन भी लिखते हैं। इससे समय से पहले प्रसव, कम वज़न वाले बच्चे और प्रसव के समय अत्यधिक ब्लीडिंग जैसी दिक्कतों का खतरा काफी कम हो जाता है।
एएनसी के दौरान ये प्रमुख जांचें उपलब्ध रहती हैं:
- शुगर प्रोफाइल
- थायरॉइड फंक्शन
- वायरल मार्कर
- ब्लड ग्रुप
- यूरीन जांच
- ज़रूरी स्क्रीनिंग प्रोफाइल
हर विज़िट पर पोषण विशेषज्ञ द्वारा आहार परामर्श दिया जाता है, जिसमें आयरन युक्त भोजन, कैल्शियम, प्रोटीन और पर्याप्त पानी की मात्रा पर खास ध्यान दिलाया जाता है। इस तरह राज हॉस्पिटल्स रांची में प्रेग्नेंसी चेकअप के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित विकल्प बन जाता है।
“गर्भावस्था कोई बीमारी नहीं, लेकिन नियमित जांच और मार्गदर्शन के बिना यह जल्दी जटिल हो सकती है।”
— एक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ
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Book Consultation at Our Maternity Hospitalसामान्य और सिजेरियन डिलीवरी
राज हॉस्पिटल्स की टीम का मानना है कि जहां भी सुरक्षित हो, वहां सामान्य प्रसव को मौका देना चाहिए। इसी सोच के साथ 28 बिस्तरों वाले आधुनिक लेबर रूम में 9 लेबर टेबल, फीटल मॉनिटरिंग सिस्टम और अनुभवी स्टाफ की मदद से ज्यादातर मामलों में सामान्य डिलीवरी कराने की कोशिश की जाती है। सांस की एक्सरसाइज, पोज़ीशन बदलने की सलाह और लगातार भावनात्मक सपोर्ट से माँ का डर कम किया जाता है।
जब भी हालात ऐसे बनें कि माँ या बच्चे की सुरक्षा खतरे में पड़े, वहां तुरंत निर्णय लेकर सुरक्षित सीज़ेरियन सेक्शन किया जाता है। राज हॉस्पिटल्स के आधुनिक ऑपरेशन थिएटर में स्त्री रोग, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिक टीम एक साथ काम करती है, जिससे नवजात को भी तुरंत देखभाल मिल सके। यहां दर्द नियंत्रित प्रसव यानी एपिड्यूरल एनाल्जीसिया का विकल्प भी उपलब्ध है, जिससे कई महिलाएं कम दर्द के साथ सामान्य डिलीवरी करवा पाती हैं।
लेबर रूम में आपातकालीन स्थिति के लिए अलग USG मशीन रखी गई है, ताकि पल भर में अल्ट्रासाउंड करके सही निर्णय लिया जा सके। कई मामलों में अस्पताल पार्टनर की सीमित उपस्थिति का विकल्प भी देता है, जिससे महिला को भावनात्मक सहारा मिलता है और परिवार भी प्रक्रिया को करीब से समझ पाता है।
प्रसवोत्तर देखभाल (Postnatal Care – PNC)
डिलीवरी के बाद की देखभाल को अक्सर हल्के में ले लिया जाता है, जबकि यही समय माँ और बच्चे दोनों के लिए सबसे संवेदनशील होता है। राज हॉस्पिटल्स में PNC के दौरान माँ के:
- ब्लीडिंग
- पेट दर्द
- टांकों की स्थिति
- यूरिन संबंधी समस्याएँ
- मानसिक स्थिति
पर नियमित नज़र रखी जाती है। ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और ज़रूरत पड़ने पर शुगर प्रोफाइल भी दोबारा जांची जाती है।
स्तनपान परामर्श यहां की बड़ी खासियत है, जहां नर्सें और काउंसलर सही तरीके से बच्चे को पकड़ने, दूध पिलाने की पोज़ीशन और शुरुआती दिक्कतों का समाधान सिखाते हैं। नवजात शिशु को नहलाने, कपड़े बदलने और साफ-सफाई बनाए रखने की ट्रेनिंग परिवार को दी जाती है, ताकि घर लौटने के बाद भी आत्मविश्वास बना रहे।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन जैसे मानसिक लक्षणों पर भी टीम ध्यान देती है और ज़रूरत पड़ने पर काउंसलिंग या मनोचिकित्सक की मदद ली जाती है। बच्चे के टीकाकरण शेड्यूल, माँ के पोषण, हल्की एक्सरसाइज और परिवार नियोजन पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाता है। स्त्री रोग विभाग में पहली विज़िट के बाद 14 दिनों तक फॉलो-अप विज़िट बिना अतिरिक्त OPD शुल्क के रखी जाती हैं, जिससे परिवार निश्चिंत होकर दोबारा सलाह ले सके।
“बच्चे के जन्म के बाद माँ की देखभाल को नज़रअंदाज़ करना, पूरे परिवार के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।”
— एक वरिष्ठ नियोनेटोलॉजिस्ट
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) का विशेषज्ञ प्रबंधन

हर गर्भावस्था एक जैसी नहीं होती, कुछ मामलों में माँ या बच्चे के लिए खतरा सामान्य से ज़्यादा होता है। ऐसी स्थिति को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी कहा जाता है और इसके लिए सामान्य से ज्यादा सतर्कता और अनुभव की ज़रूरत होती है। राज हॉस्पिटल्स को रांची का भरोसेमंद हाई रिस्क प्रेग्नेंसी हॉस्पिटल माना जाता है, क्योंकि यहां ऐसी गर्भावस्थाओं के लिए अलग प्रोटोकॉल, मॉनिटरिंग और टीम बनाई गई है।
डॉक्टर शुरुआती विज़िट से ही मेडिकल हिस्ट्री, उम्र, पहले के गर्भपात या ऑपरेशन, शुगर, ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और वजन जैसी बातों को ध्यान से समझते हैं। इसके आधार पर हर मरीज के लिए व्यक्तिगत हाई रिस्क प्रोफाइल तैयार किया जाता है और उसी हिसाब से चेकअप की आवृत्ति तय की जाती है। इस तरह कई समस्याएं समय से पहले पकड़ में आ जाती हैं और मातृत्व ज़्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है।
सामान्य उच्च जोखिम स्थितियां
हाई रिस्क कैटेगरी में आने वाली आम स्थितियाँ जैसे:
- गंभीर एनीमिया
- गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes)
- प्री-एक्लेम्पसिया और एक्लेम्पसिया
- एकाधिक गर्भ (जुड़वां या तीन बच्चे)
- प्लेसेंटा प्रीविया, प्लेसेंटल अब्रप्शन
- बार-बार गर्भपात
- 35 साल से अधिक उम्र, बहुत ज़्यादा मोटापा या बहुत कम वजन
गर्भावस्था में गंभीर एनीमिया सबसे आम हाई रिस्क स्थिति है, खासकर झारखंड जैसे राज्यों में जहां पोषण की कमी ज्यादा देखी जाती है। जब हीमोग्लोबिन बहुत कम हो जाता है, तो समय से पहले प्रसव, अत्यधिक ब्लीडिंग, हृदय पर ज़्यादा दबाव और बच्चे के विकास में कमी जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। राज हॉस्पिटल्स में ऐसे मामलों के लिए:
- नियमित हीमोग्लोबिन जांच
- आयरन और विटामिन थेरेपी
- आवश्यक होने पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुरक्षित व्यवस्था
- लगातार मॉनिटरिंग
की सुविधा है।
गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) भी हाई रिस्क कैटेगरी में आती है। यहां ब्लड शुगर की नियमित जांच, डायबिटोलॉजिस्ट की सलाह, डाइट प्लान और ज़रूरत पड़ने पर इंसुलिन थेरेपी के ज़रिए शुगर को नियंत्रण में रखा जाता है। इसी तरह प्री-एक्लेम्पसिया और एक्लेम्पसिया में ब्लड प्रेशर, यूरिन प्रोटीन और सिरदर्द, आंखों में धुंधलापन जैसे लक्षणों पर करीबी नज़र रखी जाती है, ताकि दौरे या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
एकाधिक गर्भ यानी जुड़वां या तीन बच्चों की प्रेग्नेंसी में समय से पहले लेबर, कम वज़न और ऑपरेशन की संभावना अधिक होती है। ऐसे मामलों में राज हॉस्पिटल्स की टीम बार-बार स्कैन, फीटल ग्रोथ चार्ट और मॉनिटरिंग के ज़रिए डिलीवरी का समय बहुत सोच-समझकर तय करती है। प्लेसेंटा प्रीविया, प्लेसेंटल अब्रप्शन, बार-बार गर्भपात, 35 साल से ज्यादा उम्र, बहुत अधिक मोटापा या बहुत कम वजन जैसी स्थितियां भी हाई रिस्क की श्रेणी में रखी जाती हैं और इनके लिए अलग ध्यान दिया जाता है।
विशेषज्ञ देखभाल और निगरानी
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को संभालने के लिए राज हॉस्पिटल्स में:
- अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ
- मेडिसिन स्पेशलिस्ट
- एंडोक्रिनोलॉजिस्ट
- न्यूट्रिशनिस्ट
- पीडियाट्रिशियन
की टीम मिलकर काम करती है। ऐसे मामलों में विज़िट की संख्या ज़्यादा रखी जाती है और हर विज़िट पर विस्तृत क्लिनिकल जांच, अल्ट्रासाउंड और ज़रूरत अनुसार अतिरिक्त टेस्ट किए जाते हैं।
भ्रूण की सुरक्षा के लिए उन्नत फीटल मॉनिटरिंग सिस्टम, डॉपलर स्टडी और समय-समय पर बायोफिजिकल प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध है। कई बार सही समय पर दवाओं में बदलाव या डिलीवरी की तारीख तय कर देने से बड़ी जटिलताओं से बचा जा सकता है। अस्पताल में 24×7 इमरजेंसी ऑपरेशन, आईसीयू और एनआईसीयू सपोर्ट रहता है, जिससे गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, अचानक ब्लीडिंग या समय से पहले लेबर जैसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके।
राज हॉस्पिटल्स की टीम ने ऐसे कई केस संभाले हैं जहां बाहर डॉक्टरों ने उम्मीद कम बता दी थी, लेकिन यहां लगातार निगरानी, सही समय पर निर्णय और टीमवर्क की मदद से स्वस्थ माँ और बच्चे को घर भेजा गया। कई बार योजनाबद्ध सीज़ेरियन की जगह सही प्रोटोकॉल और धैर्य से सामान्य डिलीवरी भी संभव हो पाई है, जो परिवार के लिए बड़ी राहत साबित होती है।
“ऑब्स्टेट्रिक इमरजेंसी में हर मिनट मायने रखता है, इसलिए तैयार टीम और साफ़ प्रोटोकॉल ज़िंदगी बचा सकते हैं।”
— इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और उनकी योग्यता

किसी भी मातृत्व अस्पताल की असली ताकत उसका डॉक्टरों का पैनल होता है, और राज हॉस्पिटल्स इस मामले में रांची के गिने-चुने केंद्रों में आता है। यहां के कई प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों ने Royal College of Obstetricians and Gynaecologists, London जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से FRCOG और MRCOG जैसी उपाधियाँ प्राप्त की हैं। यह दिखाता है कि वे सिर्फ अनुभव से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण से भी समृद्ध हैं।
दो दशकों से ज़्यादा के अनुभव के साथ इन विशेषज्ञों ने 10,000 से अधिक मरीजों को व्यक्तिगत देखभाल दी है। सामान्य प्रेग्नेंसी से लेकर हाई रिस्क मामलों, IVF, एंडोस्कोपिक सर्जरी और जटिल स्त्री रोग सर्जरी तक, हर तरह की स्थितियों को संभालने का व्यावहारिक अनुभव इनके पास है। कई डॉक्टर भारत के नामी अस्पतालों में काम कर चुके हैं और अब अपना यह अनुभव रांची के मरीजों के लिए समर्पित कर रहे हैं।
डिग्रियों की बात करें तो MBBS, DGO, DNB, MS Obstetrics and Gynaecology जैसी योग्यताएँ आम तौर पर इस टीम में देखने को मिलती हैं। इसके साथ ही अस्पताल में एक अनुभवी मुख्य भ्रूणविज्ञानी (Embryologist) भी है, जो फर्टिलिटी और IVF प्रक्रियाओं की लैब को उच्च मानकों पर बनाए रखते हैं। उनकी देखरेख में MACS, PICSI, ICSI और Micro TESE जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
मरीजों की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि यहां के डॉक्टर न केवल कुशल सर्जन हैं, बल्कि बेहद सहानुभूतिपूर्ण भी हैं। वे हर रिपोर्ट, हर टेस्ट और हर उपचार विकल्प को आसान भाषा में समझाते हैं और परिवार के सभी सवाल शांतिपूर्वक सुनते हैं। इस तरह मरीज को लगता है कि फैसला उसके साथ मिलकर लिया जा रहा है, न कि सिर्फ उस पर थोपा जा रहा है।
कई जटिल मामलों में भी डॉक्टरों ने घबराने के बजाय शांत रहकर स्पष्ट प्लान बनाया है। उदाहरण के लिए, बार-बार गर्भपात, बहुत कम AMH, या गंभीर PCOS जैसी स्थिति में भी पहले सभी विकल्प समझाए जाते हैं और फिर स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ा जाता है। यही भरोसा राज हॉस्पिटल्स को रांची में बेस्ट मैटरनिटी हॉस्पिटल की श्रेणी में और मजबूत बनाता है।
“तकनीक जितनी भी आगे बढ़ जाए, प्रसूति में अनुभव और धैर्य की अहमियत हमेशा बनी रहती है।”
— सीनियर गाइनकोलॉजिस्ट
आधुनिक सुविधाएं और बुनियादी ढांचा
राज हॉस्पिटल्स का इन्फ्रास्ट्रक्चर इस तरह बनाया गया है कि मरीज को एक ही जगह पर मातृत्व से जुड़ी लगभग हर ज़रूरत का समाधान मिल सके। साफ-सुथरा वातावरण, व्यवस्थित फ्लोर प्लान, आधुनिक मशीनें और प्रशिक्षित स्टाफ मिलकर इलाज को सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं।
लेबर और डिलीवरी सुविधाएं
अस्पताल में 28 बिस्तरों वाला विशाल और हवादार लेबर रूम है, जहां प्राकृतिक रोशनी और सफाई पर खास ध्यान दिया जाता है। यहां लगी 9 आधुनिक लेबर टेबल इस तरह डिज़ाइन की गई हैं कि डॉक्टर और नर्स दोनों आराम से अपना काम कर सकें और माँ को भी पर्याप्त जगह मिल सके। हर बेड के साथ फीटल मॉनिटरिंग सिस्टम उपलब्ध है, जिससे बच्चे की धड़कन और गर्भाशय संकुचन पर लगातार नज़र रखी जाती है।
लेबर रूम के भीतर ही इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड के लिए अलग USG मशीन रखी गई है। इससे अचानक ब्लीडिंग, पानी कम या ज़्यादा होने, या बच्चे की पोज़ीशन में बदलाव जैसी स्थिति में तुरंत स्कैन किया जा सकता है। पूरे लेबर क्षेत्र में निजता का ध्यान रखा गया है, ताकि महिला को भीड़ या शोर का तनाव न हो। 24×7 प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहता है, जो हर स्टेज पर माँ की मदद करता है और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करता है।
इनडोर वार्ड और रोगी आराम
डिलीवरी के बाद या जटिल मामलों में भर्ती होने के लिए राज हॉस्पिटल्स में 162 बिस्तरों वाला इनडोर वार्ड है, जिसे 6 इकाइयों में बाँटा गया है। इमारत अच्छी तरह हवादार और रोशनी से भरपूर है, जिससे मरीज को आरामदायक और सकारात्मक माहौल मिलता है। हर फ्लोर पर साफ वॉशरूम, पीने के पानी और बैठने की उचित व्यवस्था की गई है, ताकि साथ आने वाले परिजन को भी दिक्कत न हो।
वार्ड में 24×7 नर्सिंग देखभाल उपलब्ध रहती है और डॉक्टर दिन में कई बार राउंड लेकर मरीज की स्थिति की समीक्षा करते हैं। लिफ्ट की सुविधा होने से गर्भवती महिलाओं या ऑपरेशन के बाद की मरीजों को इधर-उधर ले जाना आसान हो जाता है। ज़रूरत पड़ने पर लॉकर की सुविधा भी दी जाती है, ताकि कीमती सामान सुरक्षित रखा जा सके।
राज हॉस्पिटल्स में मरीज के लिए डॉक्टर द्वारा बताए गए आहार के अनुसार खाना उपलब्ध कराया जाता है, जिससे पोषण और इलाज दोनों का संतुलन बना रहे। साथ ही अस्पताल कैंटीन में सामान्य लोगों के लिए भी भोजन की व्यवस्था है, जो साफ-सफाई और स्वाद दोनों के हिसाब से संतोषजनक मानी जाती है।
ऑपरेशन थिएटर और सर्जिकल सुविधाएं
अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर हैं, जहां सभी प्रकार की प्रसूति और स्त्री रोग संबंधी सर्जरी की जाती हैं। सीज़ेरियन सेक्शन, हिस्टेरेक्टॉमी, ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी और अन्य जटिल ऑपरेशन यहां सुरक्षित तरीके से किए जाते हैं। एंडोस्कोपिक उपकरणों की मदद से कई सर्जरी लैप्रोस्कोपी के ज़रिए की जाती हैं, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और वह जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाती हैं।
एनेस्थीसिया विभाग अनुभवी विशेषज्ञों के हाथ में है, जो हर सर्जरी से पहले मरीज की जांच करके सबसे सुरक्षित एनेस्थीसिया प्लान बनाते हैं। सर्जरी के बाद मरीज को रिकवरी रूम में शिफ्ट किया जाता है, जहां मॉनिटरिंग के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएँ मौजूद हैं। संक्रमण नियंत्रण के सख्त प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, जिससे पोस्ट-ऑपरेटिव इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।
नैदानिक और इमेजिंग सुविधाएं
राज हॉस्पिटल्स में OPD और लेबर रूम दोनों जगह अल्ट्रासोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे गर्भावस्था के हर चरण में भ्रूण का विकास, पानी की मात्रा और अन्य पैरामीटर समय पर देखे जा सकें। स्त्री रोग से जुड़ी समस्याओं के लिए पैप स्मीयर जांच भी की जाती है, जो सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद करती है।
अस्पताल की लैब में ब्लड, यूरीन और हार्मोनल जांच की पूरी रेंज उपलब्ध है। हीमोग्लोबिन, एनीमिया प्रोफाइल, थायरॉइड, शुगर, हार्मोन लेवल और गर्भावस्था से जुड़े विशेष मार्कर यहां इनहाउस जांचे जाते हैं। ज़रूरत पड़ने पर भ्रूण की 3D या 4D अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग भी की जाती है, जिससे बच्चे की बनावट और मूवमेंट की साफ तस्वीर मिलती है।
गर्भावस्था में पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए सिर्फ दवाएं और टेस्ट ही काफी नहीं होते, सही पोषण और जीवनशैली भी उतनी ही ज़रूरी होती है। राज हॉस्पिटल्स इस बात को अच्छी तरह समझता है, इसलिए हर गर्भवती महिला के लिए बेसिक डाइट काउंसलिंग के साथ ज़रूरत पड़ने पर विस्तृत न्यूट्रिशन प्लान भी बनाया जाता है। इससे न सिर्फ माँ की ताकत बनी रहती है, बल्कि बच्चे का विकास भी संतुलित रूप से होता है।
झारखंड जैसे क्षेत्र में एनीमिया और पोषण की कमी आम है, इसलिए हीमोग्लोबिन स्तर को बनाए रखने पर खास ध्यान दिया जाता है। साथ ही, हल्का व्यायाम, आराम की सही मात्रा और पर्याप्त पानी पीने जैसी आदतों पर भी विस्तार से चर्चा की जाती है।
हीमोग्लोबिन और एनीमिया प्रबंधन
गर्भावस्था के दौरान शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हीमोग्लोबिन थोड़ा पतला हो सकता है। साथ ही पेट में पल रहे शिशु को भी पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, इसलिए आयरन की मांग सामान्य से ज्यादा हो जाती है। अगर इस समय आहार और दवाओं से पर्याप्त आयरन न मिले, तो एनीमिया हो सकता है जो माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक बन सकता है।
एनीमिया के आम लक्षणों में:
- लगातार थकान
- कमजोरी
- चक्कर आना
- दिल की धड़कन तेज लगना
- सीढ़ियाँ चढ़ते समय या हल्की मेहनत पर सांस फूलना
शामिल हैं। बहुत बार महिलाएं इन संकेतों को सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ कर देती हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है। राज हॉस्पिटल्स में ANC विज़िट पर हीमोग्लोबिन की नियमित जांच की जाती है और नॉर्मल रेंज से थोड़ी भी कमी दिखने पर तुरंत ध्यान दिया जाता है।
ज्यादा कमी होने पर डॉक्टर मौखिक आयरन सप्लीमेंट्स के साथ-साथ इंजेक्शन या इंफ्यूजन की सलाह भी दे सकते हैं। कई बार विटामिन B12 और फोलेट की कमी भी एनीमिया को बढ़ा देती है, इसलिए उनकी जांच और इलाज पर भी समान रूप से ज़ोर दिया जाता है। सही समय पर ये कदम उठाने से समय से पहले प्रसव, बहुत कम वज़न वाले शिशु और प्रसव के समय अत्यधिक ब्लीडिंग जैसी जटिलताएँ काफी हद तक रोकी जा सकती हैं।
राज हॉस्पिटल्स की टीम हर मरीज को यह भी समझाती है कि स्व-उपचार या सिर्फ खुद से आयरन की गोली लेना सही तरीका नहीं है। कुछ मामलों में अधिक आयरन भी नुकसान कर सकता है, इसलिए सही संतुलन बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ की सलाह पर चलना ज़रूरी है। इस तरह वैज्ञानिक जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना के ज़रिए अस्पताल गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करता है।
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Safe pregnancy care, expert delivery services, and complete newborn care are crucial for every mother and baby. Raj Hospital Ranchi offers advanced maternity facilities with experienced gynecologists, modern labour rooms, and round-the-clock newborn care for a safe and comfortable journey to motherhood.
Book Consultation at Our Maternity Hospitalसंतुलित आहार और पोषण परामर्श
हर मरीज की बॉडी टाइप, वजन, मेडिकल हिस्ट्री और पसंद अलग होती है, इसलिए राज हॉस्पिटल्स में डाइट चार्ट भी व्यक्तिगत ज़रूरत के अनुसार बनाया जाता है। गर्भवती महिला को बताया जाता है कि आयरन के लिए ये चीज़ें मददगार हो सकती हैं:
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ
- दालें व चना
- गुड़ और तिल
- मांस और अंडे (जो खाती हों उनके लिए)
साथ ही यह भी समझाया जाता है कि विटामिन C जैसे खट्टे फल, टमाटर और आंवला आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं।
अन्य पोषक तत्वों पर भी ज़ोर दिया जाता है, जैसे:
- विटामिन B12 के लिए: दूध, दही, पनीर, मछली, अंडा
- फोलेट के लिए: पालक, ब्रोकली, संतरा, अन्य हरी सब्जियाँ
- प्रोटीन के लिए: दालें, सोया, अंडा, पनीर
- कैल्शियम के लिए: दूध, दही, तिल
पानी की पर्याप्त मात्रा लेना, बाहर का बासी या बहुत तला-भुना खाना कम करना और समय पर भोजन करना भी डाइट काउंसलिंग का हिस्सा रहता है। हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और डॉक्टर द्वारा बताए गए सुरक्षित व्यायाम से वजन संतुलन में रहता है और पीठ दर्द या कब्ज जैसी समस्याएँ भी कम होती हैं। इस तरह पोषण परामर्श से गर्भावस्था सिर्फ बीमारी नहीं बल्कि एक स्वस्थ अवस्था की तरह महसूस होने लगती है।
प्रजनन उपचार और बांझपन सेवाएं
कई जोड़ों के लिए सबसे बड़ा सपना माता-पिता बनना होता है, लेकिन कभी-कभी मेडिकल कारणों से यह आसानी से संभव नहीं हो पाता। ऐसी परिस्थिति में सही फर्टिलिटी सेंटर चुनना बहुत संवेदनशील निर्णय बन जाता है। राज हॉस्पिटल्स झारखंड के उन्नत फर्टिलिटी केंद्रों में से एक है, जहां बांझपन के कारणों की गहराई से जांच और ज़रूरत पड़ने पर आधुनिक प्रजनन उपचार उपलब्ध हैं।
अस्पताल की फर्टिलिटी टीम का फोकस सिर्फ टेस्ट और प्रक्रिया पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भावनात्मक सहारे पर भी रहता है। हर स्टेप पर प्रक्रिया, सफलता की संभावना और समय सीमा के बारे में साफ-साफ बताया जाता है, ताकि अनावश्यक तनाव न बढ़े। यही संतुलित दृष्टिकोण इसे रांची में प्रजनन उपचार के लिए भरोसेमंद नाम बनाता है।
बांझपन का निदान और मूल्यांकन
प्रजनन उपचार शुरू करने से पहले असली कारण जानना सबसे ज़रूरी होता है। राज हॉस्पिटल्स में महिला की अल्ट्रासाउंड जांच के ज़रिए गर्भाशय, ओवरी और एंडोमेट्रियम की स्थिति देखी जाती है। हार्मोनल परीक्षण जैसे FSH, LH, AMH और प्रोलैक्टिन के ज़रिए यह समझा जाता है कि अंडाशय की क्षमता कैसी है और ओव्यूलेशन सही समय पर हो रहा है या नहीं।
फैलोपियन ट्यूब की जांच के लिए Hysterosalpingography (HSG) की सुविधा उपलब्ध है, जिससे पता चलता है कि ट्यूब खुली हैं या ब्लॉक हुई हैं। पुरुष साथी के लिए वीर्य विश्लेषण (Semen Analysis) किया जाता है, जिसमें शुक्राणुओं की संख्या, गतिशीलता और आकार की जांच शामिल रहती है। ज़रूरत पड़ने पर Endometrial Receptivity Analysis (ERA) भी किया जाता है, जिससे IVF के दौरान भ्रूण ट्रांसफर का सही समय तय करने में मदद मिलती है।
PCOS, थायरॉइड या अन्य हार्मोनल असंतुलन के सटीक निदान पर भी ज़ोर दिया जाता है, क्योंकि कई बार इन्हीं को नियंत्रित करने से बिना बड़े प्रोसिजर के भी गर्भधारण संभव हो जाता है।
उन्नत प्रजनन उपचार
सरल विकल्पों में Ovulation Induction और Timed Intercourse (OITI) शामिल हैं, जिसमें दवाओं से अंडा बनने में मदद की जाती है और फिर सही समय पर संबंध बनाने की सलाह दी जाती है। जब यह तरीका पर्याप्त न रहे, तब Intrauterine Insemination (IUI) किया जाता है, जिसमें तैयार किए गए वीर्य को गर्भाशय के भीतर रखा जाता है, ताकि गर्भधारण की संभावना बढ़े।
कई जटिल या लंबे समय से चले आ रहे मामलों में In Vitro Fertilization (IVF) की सलाह दी जाती है। इस प्रक्रिया में अंडाशय से अंडे निकाले जाते हैं, लैब में शुक्राणुओं से मिलाए जाते हैं और बने हुए भ्रूण को कुछ दिन बाद गर्भाशय में रखा जाता है। राज हॉस्पिटल्स में ICSI जैसी तकनीक भी उपलब्ध है, जिसमें एक-एक शुक्राणु को चुनकर सीधे अंडे में डाला जाता है, जो खासकर कमजोर स्पर्म वाले मामलों में उपयोगी होती है।
अस्पताल झारखंड के चुनिंदा केंद्रों में से है जहां MACS, PICSI और Micro TESE जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल होता है। इनसे बहुत खराब स्पर्म क्वालिटी या एज़ोस्पर्मिया जैसे मामलों में भी उमीद की किरण बनी रहती है। बार-बार गर्भपात, अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब और जटिल पुरुष बांझपन के लिए अलग प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं और ज़रूरत पड़े तो अंडा या शुक्राणु डोनर कार्यक्रम के ज़रिए भी मदद की जाती है।
पूरी फर्टिलिटी लैब एक अनुभवी मुख्य भ्रूणविज्ञानी की देखरेख में चलती है, जिससे प्रक्रिया के हर चरण में गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्च मानक बने रहते हैं। कई जोड़े, जिनके लिए माता-पिता बनना दूर की बात लग रहा था, आज स्वस्थ बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
स्त्री रोग संबंधी समस्याओं का उपचार
मातृत्व सेवाओं के साथ-साथ राज हॉस्पिटल्स महिलाओं की सामान्य और जटिल स्त्री रोग समस्याओं के लिए भी सम्पूर्ण देखभाल प्रदान करता है। अक्सर महिलाएं शर्म या व्यस्तता की वजह से गाइन समस्याओं को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ करती रहती हैं, जिससे छोटी दिक्कतें भी आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले लेती हैं।
यहां OPD में आरामदायक माहौल, महिला स्टाफ और समझदार डॉक्टर मिलकर ऐसी स्थिति बनाते हैं जिसमें मरीज बिना झिझक अपने लक्षण बता सके। सटीक जांच, आधुनिक अल्ट्रासाउंड और ज़रूरी होने पर एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं की मदद से बीमारी की जड़ तक पहुँचा जाता है।
सामान्य स्त्री रोग संबंधी समस्याएं
राज हॉस्पिटल्स में सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली समस्याओं में:
- अनियमित मासिक धर्म
- बहुत अधिक या बहुत कम ब्लीडिंग
- दर्दनाक पीरियड्स
- PCOS / PCOD
- गर्भाशय के फाइब्रॉइड
- ओवेरियन सिस्ट
- एंडोमेट्रियोसिस
- पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज
- यूटेरिन प्रोलैप्स
- मेनोपॉज़ से जुड़ी दिक्कतें
शामिल हैं।
डॉक्टर पहले हार्मोनल प्रोफाइल, अल्ट्रासाउंड और ज़रूरत पड़ने पर पैप स्मीयर के ज़रिए यह समझते हैं कि मामला साधारण है या किसी गहरी बीमारी का संकेत है। इसके बाद दवाओं, जीवनशैली में बदलाव या ज़रूरत हो तो सर्जरी के ज़रिए इलाज किया जाता है।
आजकल युवा लड़कियों और महिलाओं में PCOS / PCOD आम हो गया है, जिससे वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, चेहरे पर बाल और अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यहां डाइट, एक्सरसाइज, दवाओं और ज़रूरत पड़ने पर फर्टिलिटी प्लानिंग के ज़रिए इसे नियंत्रित करने पर काम किया जाता है।
गर्भाशय के फाइब्रॉइड, ओवेरियन सिस्ट, एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज और यूटेरिन प्रोलैप्स जैसे मामलों का भी नियमित इलाज किया जाता है। मेनोपॉज़ प्रबंधन में हॉट फ्लशेस, मूड स्विंग और हड्डियों की कमजोर पड़ती स्थिति जैसी बातों पर चर्चा करके दवाओं और सपोर्टिव थेरेपी की मदद से राहत दिलाई जाती है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए नियमित पैप स्मीयर और ज़रूरत पर कोलपोस्कोपी जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।
एंडोस्कोपिक सर्जरी और न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं
आज की स्त्री रोग सर्जरी में एंडोस्कोपिक तकनीकों का बहुत महत्व है, क्योंकि इनसे बड़े चीरे के बिना ऑपरेशन किया जा सकता है। राज हॉस्पिटल्स में हिस्टेरोस्कोपी की सुविधा है, जिसमें एक पतली कैमरा युक्त ट्यूब के ज़रिए गर्भाशय के अंदर देखा जाता है। असामान्य रक्तस्राव, पॉलीप्स या छोटी गांठों को इसी प्रक्रिया में हटाया भी जा सकता है, जिससे मरीज को जल्दी आराम मिलता है।
लैप्रोस्कोपी की मदद से पेट में छोटे छेद करके गर्भाशय, ओवरी या ट्यूब से जुड़ी कई सर्जरी की जाती हैं। लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी, ओवेरियन सिस्ट निकालना, एंडोमेट्रियोसिस की जली हुई जगह साफ करना और ट्यूब की सर्जरी जैसे काम यहां नियमित रूप से होते हैं।
इन न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के कई लाभ हैं, जैसे:
- कम दर्द
- कम खून बहना
- कम समय में अस्पताल से छुट्टी
- पेट पर हल्के निशान
अनुभवी एंडोस्कोपिक सर्जन की मौजूदगी से जटिल मामलों में भी सुरक्षा का स्तर ऊँचा बना रहता है और मरीज जल्दी अपने सामान्य जीवन में लौट पाती हैं।
24×7 आपातकालीन मातृत्व

प्रसव और गर्भावस्था से जुड़ी इमरजेंसी किसी समय का इंतज़ार नहीं करती। रात हो या दिन, त्योहार हो या कामकाज का समय, अचानक लेबर पेन, तेज ब्लीडिंग, बच्चे की हरकत कम होना या तेज सिरदर्द और झटके जैसी स्थिति कभी भी हो सकती है। ऐसे में ज़रूरत होती है ऐसे अस्पताल की, जो सचमुच 24×7 मातृत्व इमरजेंसी संभाल सके।
राज हॉस्पिटल्स रांची में 24 घंटे चलने वाला मैटरनिटी हॉस्पिटल है, जहां इमरजेंसी विभाग, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और एनआईसीयू चौबीसों घंटे सक्रिय रहते हैं। प्रसूति, एनेस्थीसिया और बाल रोग विभाग की टीमें कॉल पर तैयार रहती हैं, ताकि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, अचानक प्रीटर्म लेबर या एक्लेम्पसिया जैसे मामलों में सेकंडों की देरी भी न हो।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत आपातकालीन चिकित्सा और प्रसूति देखभाल यानी EMOC के मानकों पर भी यहां काम किया जाता है। डॉक्टरों और नर्सों को समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण दिए जाते हैं, जिनमें पोस्ट पार्टम हेमोरेज, शॉक, सीज़ेरियन इमरजेंसी और नवनिर्मित शिशु की पुनर्जीवन तकनीकें practically सिखाई जाती हैं। इससे इमरजेंसी के समय टीम अपने काम में और ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ काम कर पाती है।
अस्पताल के मल्टी स्पेशियलिटी सेटअप और रूफटॉप हेलिपैड की वजह से गंभीर मामलों में दूसरे शहरों से भी मरीज तेज़ी से यहां पहुँचाए जा सकते हैं। एंबुलेंस सेवा, ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर और ब्लड बैंक जैसी सुविधाएँ इमरजेंसी के साथ समन्वयित रहती हैं, जिससे किसी भी तरह की गंभीर स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।
अगर मरीज ने पहले से अपॉइंटमेंट न भी लिया हो, तब भी प्रसूति इमरजेंसी में उसे सीधे एडमिट करने की व्यवस्था है। प्रशासन की मंजूरी और आवश्यक शुल्क के बाद टीम तुरंत इलाज शुरू कर देती है, ताकि कागज़ी कार्यवाही में समय बर्बाद न हो। यही तत्परता राज हॉस्पिटल्स को रांची में हाई रिस्क और इमरजेंसी प्रेग्नेंसी के लिए पसंदीदा अस्पताल बनाती है।
निष्कर्ष
सुरक्षित मातृत्व सिर्फ किसी के सपने की पूर्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य से जुड़ा फैसला होता है। रांची जैसे शहर में जहां अब कई अस्पताल मौजूद हैं, वहाँ सही विकल्प चुनने के लिए यह देखना ज़रूरी है कि कौन सा केंद्र पूरी गर्भावस्था में साथ खड़ा रह सकता है। राज हॉस्पिटल्स अपनी 30 साल से ज़्यादा की विरासत, अनुभवी डॉक्टरों, आधुनिक मशीनों और दयालु देखभाल के कारण रांची का बेस्ट मैटरनिटी हॉस्पिटल माने जाने लायक बन गया है।
यहां नियमित एंटीनैटल केयर, सामान्य और सीज़ेरियन डिलीवरी, प्रसवोत्तर देखभाल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मैनेजमेंट, फर्टिलिटी उपचार, एंडोस्कोपिक सर्जरी और 24×7 इमरजेंसी जैसी ज़्यादातर ज़रूरतें एक ही जगह पूरी हो जाती हैं। हीमोग्लोबिन और पोषण पर विशेष ध्यान, पारदर्शी मूल्य निर्धारण, नो कॉस्ट ईएमआई जैसे विकल्प और घर जैसा माहौल इसे आम परिवार के लिए भी सुलभ और भरोसेमंद बनाते हैं।
अगर परिवार रांची, झारखंड में किसी ऐसे अस्पताल की तलाश कर रहा है, जहां माँ और बच्चे की सुरक्षा के साथ-साथ भावनात्मक सहारा भी मिल सके, तो राज हॉस्पिटल्स एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आता है। सही समय पर सही जगह चुन लेना ही सुरक्षित और खुशहाल मातृत्व की सबसे अहम तैयारी है।
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Safe pregnancy care, expert delivery services, and complete newborn care are crucial for every mother and baby. Raj Hospital Ranchi offers advanced maternity facilities with experienced gynecologists, modern labour rooms, and round-the-clock newborn care for a safe and comfortable journey to motherhood.
Book Consultation at Our Maternity Hospitalराज हॉस्पिटल्स में ओपीडी का समय क्या होता है?
राज हॉस्पिटल्स में स्त्री रोग और मातृत्व OPD आमतौर पर दिन में दो स्लॉट में चलती है। पहला स्लॉट दोपहर के समय और दूसरा शाम के समय रखा जाता है, ताकि कामकाजी महिलाएं भी आसानी से परामर्श ले सकें। सटीक समय जानने के लिए अस्पताल की रिसेप्शन पर कॉल करने की सलाह दी जाती है।
क्या राज हॉस्पिटल्स रांची में 24 घंटे मातृत्व इमरजेंसी उपलब्ध है?
हाँ, यह 24×7 मातृत्व इमरजेंसी संभालने वाला अस्पताल है। लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और पीडियाट्रिक टीम चौबीसों घंटे तैयार रहती है। अचानक दर्द, ब्लीडिंग या हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थिति में कभी भी अस्पताल पहुँचा जा सकता है।
क्या हर बांझपन के मामले में सीधे IVF की ज़रूरत पड़ती है?
ऐसा नहीं है। कई मामलों में Ovulation Induction, Timed Intercourse या IUI जैसे सरल विकल्प से भी गर्भधारण हो जाता है। राज हॉस्पिटल्स की फर्टिलिटी टीम पहले सभी टेस्ट करके कारण समझती है और फिर स्टेप-बाय-स्टेप योजना बनाती है। IVF की सलाह तभी दी जाती है जब हल्के विकल्प सफल न हों या मामले की ज़रूरत खास तौर पर यही हो।
क्या यहां डिलीवरी और अन्य पैकेज की कीमतें पहले से बता दी जाती हैं?
राज हॉस्पिटल्स पारदर्शी मूल्य निर्धारण पर ज़ोर देता है, इसलिए सामान्य प्रसव, सीज़ेरियन, कमरा श्रेणी और अन्य सेवाओं के पैकेज पहले ही समझा दिए जाते हैं। इससे परिवार को आर्थिक योजना बनाने में आसानी होती है और बाद में अचानक बढ़े हुए बिल का तनाव नहीं होता। कई मामलों में नो कॉस्ट ईएमआई जैसे विकल्प भी उपलब्ध रहते हैं।
रांची में प्रेग्नेंसी चेकअप के लिए राज हॉस्पिटल्स क्यों बेहतर माना जाता है?
यहाँ नियमित ANC प्रोटोकॉल, हीमोग्लोबिन और शुगर की निगरानी, आधुनिक अल्ट्रासाउंड, पोषण परामर्श और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लिए अलग व्यवस्था सब एक साथ मिलती है। अनुभवी गाइनकोलॉजिस्ट हर विज़िट पर विस्तृत जांच और शांत भाषा में सलाह देते हैं। इसी कारण बहुत से परिवार इसे रांची का भरोसेमंद प्रेग्नेंसी चेकअप हॉस्पिटल मानते हैं।









